भारत की धरती से बाहर भारत माँ की आजादी के लिए किए गए प्रयासों को समर्पित स्वरचित गीत .....
(गीत "आओ बच्चो तुम्हें दिखाएं ...." की तर्ज पर)
आओ मित्रों तुम्हें सुनाएं, कहानी हिंदुस्थान की ।
आजादी के अमृत हेतु, किए गए बलिदान की ।।
वंदे मातरम् , वंदे मातरम् , वंदे मातरम् , वंदे मातरम्
सात समुद्र पार भी देखो, आजादी प्रयत्नों को ।
गदर पार्टी की नींव पड़ी, सोहन भाकना के यत्नों को ।
लाला हरदयाल करतार सराभा, ऐसे ऐसे रत्नों को ।
हिंदुस्तान गदर अखबार चलाया, गूंजे गदरी पन्नों को ।
अमेरिका कनाडा में भी, लगाते बाजी जान की ।।1।।
आजादी के अमृत हेतु, किए हर बलिदान की ...........
लन्दन की धरती पर भी, दीवाने मतवाले थे |
श्याम जी कृष्ण वर्मा जैसे, वीरों ने सम्भाले थे |
इंडिया हाउस को केंद्र बनाकर, क्रान्ति लाने वाले थे |
सावरकर रचित पुस्तक को, अंग्रेज मिटाने वाले थे |
कर्जन वायली की मुक्ति गाथा, धींगडा के यशगान की ।।2।।
आजादी के अमृत हेतु, किए हर बलिदान की ...........
उन्नीस सौ पन्द्रह में देखो, अंतरिम सरकार बनी ।
राजा महेंद्र प्रताप द्वारा, काबुल में पहली बार बनी ।
बरकतउल्ला संग अंग्रेजों से, जेहाद की हुंकार बनी
देखो कैसे कहां कहाँ पर, आजादी की पतवार बनी
प्रथम तिरंगा लहराया, मैडम कामा के योगदान की ।।2।।
कैसे भूले रासबिहारी को, नेता सुभाष जी बोस को |
जापान जर्मनी युद्ध बंदियों से , बनी हुई उस फौज को |
खून दो आजादी ले लो. उस अमर जयघोष को |
आजाद हिंद सरकार बनाई, दिल्ली चलो के जोश को |
लाल किले ट्रायल से कांपी, चूलें इंगलिस्तान की ।।4।।
आजादी के अमृत हेतु, किए हर बलिदान की .....
आओ मित्रों तुम्हें सुनाएं, कहानी हिंदुस्थान की ।
आजादी के अमृत हेतु, किए हर बलिदान की ।।
वंदे मातरम् , वंदे मातरम् , वंदे मातरम् , वंदे मातरम्