हिन्दी का पठन पाठन हमारे लिए जरूरी है
पर ये जानने में भी क्या हर्ज़ है कि
अंग्रेज़ी हमारे लिए क्यों जरूरी है ?
अंग्रेजी अगर नहीं होती तो ......
एक खाते-पीते किसान का होनहार बेटा रामू
छठी कक्षा में अंग्रेजी में फ़ेल होकर
लज्जा के कारण घर से भागकर दिल्ली कैसे आता ?
और डॉ बनर्जी के यहाँ नौकर की महत्त्वपूर्ण नौकरी कैसे पाता ?
यदि वो अपनी मातृभाषा में पढ़कर आगे बढ़ता
तो हमारे जैसे सभ्य समाज के यहाँ बर्तन कौन रगड़ता ?
बेशक सभ्य समाज की सुविधा ही , प्रगत राष्ट्र की धुरी है
इसलिए देश हित में अंग्रेजी जरूरी है .........
अंग्रेजी अगर नहीं होती तो ....
हमारी गली के नुक्कड़ पर रहने वाले भोला जैसे लोग
फ़िर ऑटो रिक्शा थोड़े ही चलाते
परिणामतः सडकों पर निजी वाहनों की बाढ़ आनी थी
प्रदूषण बढ़ जाता, तेल अधिक खपता
जाम के कारण पूरी कानून व्यवस्था बिगड़ जानी थी
मातृभाषा प्रेम से कहीं ज्यादा, देश की व्यवस्था जरूरी है
इसलिए देश हित में अंग्रेजी जरूरी है ......
अंग्रेजी अगर नहीं होगी तो ...
हमारा plumber भी कान्वेंट स्चूल का admission interview पास कर जाएगा
और फिर उसका Low profile पुत्र मेरे High profile बेटे के साथ शिक्षा पायेगा
ऐसे में भगवान् न करे , कहीं वो मेरे
Bright सुपुत्र को पढ़ाई में पछाड़ गया तो
साक्षात् भूचाल ही आ जाएगा
मेरा Engineer होना क्या ख़ाक काम आएगा ?
कैसे न रखा जाए हमारा ख्याल, जिनके बगैर देश की IT Industry अधूरी है
इसलिए देश हित में अंग्रेजी जरूरी है .
अंग्रेजी अगर नहीं होगी तो ...
Universities में छात्रों की बाढ़ ही आ जायेगी
इतनी नौकरियां बेचारी सरकार कहाँ से लाएगी
फिर हड़ताल होगी, उपद्रव होंगे
इन सबसे देश को बचाना , प्रशासन की मजबूरी है
इसलिए देश हित में अंग्रेजी जरूरी है .......
अंग्रेजी अगर नहीं होती तो .....
कॉलेज अनुशासनहीनता का अड्डा बन जाते
क्यों ? इसलिए कि .....
मातृभाषा में lecture होगा, तो छात्र विषय समझ जायंगे
परिणामतः उल्टे सीधे सवाल पूछकर प्रोफेसर साहब का भेजा खायेंगे
हो-हल्ला मचाएंगे
तब प्रोफेसर साहब को घर पर ३-४ घंटे लगाकर lecture तैयार करना पड़ेगा
इस त्रासदी को शिक्षक वर्ग का पारिवारिक जीवन कैसे सहेगा ?
अनुशासनहीनता व शिक्षक वर्ग की असुविधा, इनकी तो राष्ट्र विकास से कोसों की दूरी है
इसलिए देश हित में अंग्रेजी जरूरी है .....
बुद्धिमान लोग सही फरमाते हैं
अंग्रेजी उच्च शिक्षा का माध्यम है
अंग्रेजी अगर नहीं होगी तो .....उच्च शिक्षा नहीं होगी
उच्च शिक्षा नहीं होगी तो कोई ऊँचा कैसे बनेगा
और ऊँचे की पूछ तो तभी होगी ना, जब कोई नीचा होगा
अतः विकसित समाज में उंच-नीच बनाये रखने की कवायद कौन सी बुरी है ?
इसलिए देश हित में अंग्रेजी जरूरी है ..................
That is correct. We have considered English as status symbol. It is a language, not a skill. It is required in today's word but it is not everything.
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